बाबुल सुप्रियो अब आगे क्या करेंगे? आज बीजेपी नेतृत्व के साथ बैठक के बाद होगा आखिरी फैसला

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता बाबुल सुप्रियो ने फेसबुक पर अपने राजनीतिक संन्यास की घोषणा कर दी थी. इसके बाद से ही बंगाल की राजनीति और बीजेपी में खलबली मच गई है.


कोलकाता. पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो (Babul Supriyo) ने फेसबुक पर ऐलान करेत हुए राजनीति को अलविदा कह दिया. इसके बाद पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति और राज्य की बीजेपी यूनिट में खलबली मच गई. माना जा रहा है कि यह सुप्रियो का राजनीतिक ब्रेक होगा, वह अभी संन्यास की भूमिका में नहीं आ सकते हैं. आसार इस बात के भी जताए जा रहे हैं कि सुप्रियो आने वाले समय में टीएमसी से नाता जोड़ सकते हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि सुप्रियो ने सीएम ममता बनर्जी के कुछ करीबियों से मुलाकात की थी.  इन सबके बीच सुप्रियो ने रविवार को ही भाजपा के अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा से मुलाकात की. हिन्दी दैनिक अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार नड्डा से बैठक के दौरान सुप्रियो से यह अनुरोध किया कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार करें. माना जा रहा है कि सुप्रियो की पार्टी हाईकमान के साथ आज एक बैठक और हो सकती है. इसके बाद वह अंतिम फैसला लेंगे

आसनसोल से दो बार के सांसद सुप्रियो उन कई मंत्रियों में शामिल हैं, जिन्हें सात जुलाई को एक बड़े फेरबदल के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद् से हटा दिया गया था. पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के अरूप बिस्वास के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था

रिपोर्ट मेंपार्टी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि बंगाल यूनिट के अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ विधानसभा चुनाव के पहले से ही अनबन है. जब उन्हें मंत्रिपरिषद से भी हटा दिया गया तो उन्होंने यह फैसला लिया. अगर सुप्रियो लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देते हैं तो भाजपा के लिए यह दोहरा झटका होगा. बीते महीने भाजपा उपाध्यक्ष का पद छोड़ टीएमसी में दोबारा वापसी करने वाले मुकुल रॉय के चलते पहले ही बीजेपी को नुकसान हुआ है.

उपचुनाव में भाजपा को हारने की आशंका?पार्टी को आशंका है कि अगर लोकसभा के उपचुनाव में वह टीएमसी के हाथों हार गई तो इसका असर पार्टी पर पड़ेगा. हाल ही में उत्तर 24 परगना में बीजेपी के विधायकों की एक मीटिंग हुई थी. इससे तीन विधायकों ने दूरी बना ली. अब बीजेपी को लग रहा है कि यह सभी टीएमसी में जा सकते हैं. अखबार की रिपोर्ट के अनुसार सुप्रियो ने टीएमसी के कई अहम नेताओं से मुलाकात की. हालांकि टीएमसी की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है. सूत्रों का मानना है कि बनर्जी के खास नेताओं के साथ सुप्रियो की दो दौर की बात हो चुकी है.

रविवार को कहा कि उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद सुप्रियो ने  कहा किअपने अगले कदम के बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है.  सांसद ने कहा कि ‘भविष्य में मैं क्या करता हूं यह तो वक्त ही बताएगा.’ टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष के उस दावे कि सुप्रियो नाटक कर रहे हैं और उनमें सांसद पद छोड़ने की हिम्मत नहीं है, पर कटाक्ष करते हुए, सांसद ने कहा, ‘मैंने पहले ही लोकसभा अध्यक्ष से समय मांगा है क्योंकि मेरे निर्णय से पहले उनकी सहमति आवश्यक है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं कल रात ही अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिल चुका हूं, लेकिन यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि मेरा भविष्य का कदम क्या होगा.’  बंगाल भाजपा प्रमुख दिलीप घोष पर निशाना साधते हुए सुप्रियो ने कहा कि उनका उन लोगों से कोई लेना-देना नहीं है जो संकीर्ण सोच वाले हैं, चाहे वे किसी भी खेमे से ताल्लुक रखते हों. (भाषा इनपुट के साथ)

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