HDFC सिक्योरिटीज ने लॉन्ग-टर्म के लिए इन 9 मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स को चुना है

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अगले कुछ वर्षों में देश की इकोनॉमी की संभावनाओं और कॉरपोरेट की अर्निंग्स पर HDFC सिक्योरिटीज पॉजिटिव है। इसके आधार पर ब्रोकिंग हाउस ने 9 मिड और स्मॉल-कैप स्टॉक्स को चुना है जिनमें इनवेस्टर्स लॉन्ग-टर्म के लिए निवेश कर सकते हैं।


महिंद्रा एंड महिंद्रा

कंपनी विदेशी मार्केट्स से अपने फार्म इक्विपमेंट के रेवेन्यू को बढ़ाने का लक्ष्य बना रही है। यह अभी 37 प्रतिशत है जिसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत से अधिक करने की योजना है। यह देश के ट्रैक्टर मार्केट में भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है। अभी डोमेस्टिक ट्रैक्टर मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है जिसे कंपनी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की योजना रखती है।


डा रेड्डीज लैबोरेट्रीज


HDFC सिक्योरिटीज को डा रेड्डीज इन कारणों से पसंद है। पहला, इसका रेवेन्यू मिक्स, दूसरा डोमेस्टिक बिजनेस पर जोर और तीसरा अमेरिका और यूरोपियन यूनियन में इंजेक्टिबल पाइपलाइन और चौथा मजबूत बैलेंस शीट और रिटर्न रेशो। इसके अलावा USFDA को लेकर उसकी बड़ी समस्याओं का भी समाधान हो रहा है।


गेल इंडिया

कंपनी का गैस ट्रांसमिशन बिजनेस डोमेस्टिक गैस प्रोडक्शन बढ़ने से अच्छी स्थिति में है। इसकी देश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में पाइपलाइंस पूरी हो गई हैं। गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर में दबदबे वाली स्थिति इसके बिजनेस में अच्छी तेजी आ सकती है।


अरबिंदो फार्मा

कंपनी के पास इंजेक्टिबल्स की मजबूत पाइपलाइन है। यूरोपियन बिजनेस की इसकी प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार हुआ है। कंपनी के कर्ज में भी कमी आ रही है। इसे मीडियम-टर्म में वैक्सीन सेगमेंट से भी अच्छा रेवेन्यू मिलने की संभावना है।


NMDC

कंपनी के मैनेजमेंट को फाइनेंशियल ईयर 2021 में 3.5-3.6 करोड़ टन प्रोडक्शन का अनुमान है। फाइनेंशियल ईयर 2022 में प्रोडक्शन बढ़कर 4 करोड़ टन पर पहुंचने की उम्मीद है। जून में स्टील प्लांट शुरू होने से भी शेयर में तेजी आ सकती है। यह शेयर इस सेक्टर की ग्लोबल कंपनियों की तुलना में डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।


ACC 


देश की बड़ी सीमेंट कंपनियों में शामिल ACC की बैलेंस शीट पर कर्ज नहीं है और इसकी कैश की पोजिशन भी मजबूत है। इसके पास अच्छा कैश फ्लो आता है। कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी आने से कंपनी की बिक्री भी रफ्तार पकड़ेगी।


हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन

 कंपनी के ग्रॉस रिफाइनरी मार्जिन (GRM) में इकोनॉमिक एक्टिविटी में तेजी आने के साथ रिकवरी होगी। कंपनी की लिक्विडिटी भी मजबूत रहने की उम्मीद है, जिसे अच्छे कैश फ्लो और बड़े कैश रिजर्व का फायदा मिलेगा।


टाटा पावर

रेगुलेटेड RoE पावर जेनरेशन और ट्रांसमिशन दोनों कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा योगदान रखता है। आने वाले समय में इंटरेस्ट रेट में कमी होने पर कंपनी को अपना मार्जिन प्रोफाइल बेहतर बनाने में मदद मिलेगी क्योंकि 15.5 प्रतिशत का रेगुलेटेड RoE अगले पांच वर्षों के लिए तय किया गया है।


बिड़ला कॉरपोरेशन


कंपनी की एक्सपैंशन करने की महत्वकांक्षी योजना है जिससे मीडियम टर्म में इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। प्रमोटर्स के बीच विवाद के सुलझने के बाद कंपनी के बिजनेस की संभावनाएं अच्छी हो सकती हैं।

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