वाडिया ग्रुप की 15 साल पुरानी एयरलाइंस GoAir ने रीब्रांडिंग करने का निर्णय लिया है. देश की जानी-मानी एयरलाइन कम लागत वाली एयरलाइन गो एयर अब 'Go First' में बदल गई है.
दरअसल गो एयर ULCC (ultra -low-cost carrier) पर फोकस कर रही है, जिस वजह इसने ये निर्णय लिया है. 13 मई को एयरलाइन ने औपचारिक रूप से एक बयान में कहा कि वह खुद को गो फर्स्ट के रूप में रीब्रांड कर रही है. बता दें कि एयरलाइन ने 2005 में परिचालन शुरू किया और उसके बेड़े में सिर्फ 50 से अधिक विमान हैं, यहां तक कि प्रतिद्वंद्वी इंडिगो के रूप में जो एक साल बाद शुरू हुआ, आकार में 5 गुना से अधिक है.
दरअसल गो एयर ULCC (ultra -low-cost carrier) पर फोकस कर रही है, जिस वजह इसने ये निर्णय लिया है. 13 मई को एयरलाइन ने औपचारिक रूप से एक बयान में कहा कि वह खुद को गो फर्स्ट के रूप में रीब्रांड कर रही है. बता दें कि एयरलाइन ने 2005 में परिचालन शुरू किया और उसके बेड़े में सिर्फ 50 से अधिक विमान हैं, यहां तक कि प्रतिद्वंद्वी इंडिगो के रूप में जो एक साल बाद शुरू हुआ, आकार में 5 गुना से अधिक है.
नई दिल्ली. वाडिया ग्रुप की 15 साल पुरानी एयरलाइंस GoAir ने रीब्रांडिंग करने का निर्णय लिया है. देश की जानी-मानी एयरलाइन कम लागत वाली एयरलाइन गो एयर अब 'Go First' में बदल गई है. देश में कोरोना महामारी की वजह से तमाम सेक्टर के साथ एविएशन सेक्टर को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इससे उबरने के लिए यह अब लो कॉस्ट बिजनेस मॉडल पर फोकस करेगी.
बता दें कि गोएयर (GoAir) पब्लिक इश्यू के जरिये प्राइमरी मार्केट से फंड्स जुटाने की तैयारी में है. रिपोर्ट के मुताबिक, GoAir 2500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए IPO लॉन्च करेगी. सूत्रों ने बताया कि यह IPO सितंबर, 2021 तक लॉन्च हो सकता है, जिसके बाद इसे आप सब्सक्राइब कर पाएंगे.
इस IPO के लिए कंपनी अप्रैल 2021 के सेकेंड वीक में मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर करने की तैयारी में थी. एयरलाइन फिर से एक आईपीओ के लिए फाइल करने की योजना बना रही है रिपोर्ट के मुताबिक, इस IPO के जरिये जुटाये गए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने कर्ज को चुकाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने में करेगी. आपको बता दें कि मार्च, 2020 तक कंपनी पर 1780 करोड़ रुपये का कर्ज था.
